Rajesh Kumar Ranjan / Mon, Feb 23, 2026 / Post views : 159
सुपौल दस्तक न्यूज (पटना) – बिहार
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्यभर के नगर निकायों में संचालित अवैध मांस-मछली दुकानों पर बड़ी कार्रवाई का संकेत दे दिया है। विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी पत्र (दिनांक 21.02.2026) में स्पष्ट कहा गया है कि कई नगर निकाय क्षेत्रों में बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के मांस-मछली की दुकानें चलाई जा रही हैं, जो कानून के विरुद्ध है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि ऐसी दुकानें बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 के प्रावधानों के खिलाफ संचालित हो रही हैं।
क्या कहता है कानून?
धारा 345 के तहत नगर निकाय क्षेत्र में मांस, मछली एवं अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना अनुज्ञप्ति दुकान चलाना अवैध माना जाएगा।
इतना ही नहीं, पत्र में यह भी कहा गया है कि—
कई स्थानों पर खुले में और अस्वच्छ परिस्थितियों में मांस की बिक्री हो रही है।
मृत पशुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।
धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के समीप दुकानें संचालित हो रही हैं।
सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि बिना लाइसेंस संचालित दुकानों को बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345(4) के तहत तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही, लाइसेंसधारी दुकानों को भी तय मानकों और शर्तों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
पत्र में सभी नगर आयुक्तों, कार्यपालक पदाधिकारियों और नगर परिषद एवं नगर पंचायतों को आदेशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जांच कर अविलंब कार्रवाई करें।
अब सवाल यह है कि क्या जमीनी स्तर पर नगर निकाय इस आदेश को पूरी सख्ती से लागू करेंगे, या फिर कागजी कार्रवाई तक ही मामला सीमित रहेगा? आने वाले दिनों में इसकी तस्वीर साफ होगी।
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