कम कीमत में हर बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज: आरोग्य धनवंतरी केंद्र बन रहा मरीजों का भरोसा
15 वर्षों के अनुभव के साथ वैद्य बाबा गोरखनाथ की सेवा, सुपौल और सहरसा में हर सप्ताह मरीजों का इलाज
बिहार में आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से पहचान बना रहा आरोग्य धनवंतरी उपचार केंद्र आज हजारों मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है। इस केंद्र के प्रमुख वैद्य बाबा गोरखनाथ पिछले 15 वर्षों से आयुर्वेद के माध्यम से लोगों की सेवा करते आ रहे हैं। खास बात यह है कि बाबा गोरखनाथ स्वयं जड़ी-बूटियों से प्रमाणित दवाइयों का निर्माण करते हैं, जिससे मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी उपचार मिल रहा है।
हाजीपुर निवासी बाबा गोरखनाथ, CHP चंदन हर्बल फार्मा से जुड़े हुए हैं और दवाइयों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर चंदन कुमार साहू द्वारा बिहार के सुपौल जिले के भीमनगर में हर शनिवार तथा सहरसा जिले में हर शुक्रवार को मरीजों को देखा जाता है।
आरोग्य धनवंतरी केंद्र में कई गंभीर और जटिल बीमारियों का आयुर्वेदिक इलाज किया जाता है, जिनमें प्रमुख हैं—
गुप्त रोग, बवासीर, पथरी, अपेंडिक्स, सफेद दाग (ल्यूकोडर्मा), मिर्गी,हर्निया,लिकोरिया, गैस-एसिडिटी, कब्ज, जोड़ों का दर्द (आर्थराइटिस), स्लिप डिस्क, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, त्वचा रोग, खुजली-एलर्जी, दाद-खाज, दमा (अस्थमा), शुगर (डायबिटीज), हाई ब्लड प्रेशर, कमजोरी, बाल झड़ना, बालों का सफेद होना, नपुंसकता, महिलाओं के रोग (पीरियड अनियमितता, सफेद पानी), लीवर की समस्या आदि।
चंदन कुमार साहू का कहना है कि उनकी दवाइयों से कम खर्च में लगातार मरीज ठीक हो रहे हैं, यही कारण है कि सुपौल और सहरसा में क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। आने वाले समय में पूर्णिया समेत पूरे बिहार के हर जिले में क्लिनिक खोलने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सस्ती और असरदार चिकित्सा सुविधा मिल सके।
आरोग्य धनवंतरी के बैनर तले कार्य कर रहे वैद्य बाबा गोरखनाथ अब अनुभवी और कुशल औषधि निर्माता बन चुके हैं। उनकी बनाई दवाइयों से लाभान्वित होकर मरीज लगातार केंद्र की सराहना कर रहे हैं और इसे एक भरोसेमंद आयुर्वेदिक उपचार केंद्र मान रहे हैं।
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